ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट से $134 अरब का हर्जाना

कैलिफ़ोर्निया — वैश्विक तकनीक जगत में अब तक की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाई में से एक में, एलन मस्क ने ओपनएआई (OpenAI) और माइक्रोसॉफ्ट से $79 अरब से $134 अरब के बीच हर्जाने की मांग की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने आरोप लगाया है कि चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी ने अपनी गैर-लाभकारी (non-profit) जड़ों को छोड़कर और माइक्रोसॉफ्ट के साथ हाथ मिलाकर उनके साथ “धोखाधड़ी” की है।

यह मांग शुक्रवार को अदालत में पेश किए गए एक नए हलफनामे में की गई है। यह कदम संघीय न्यायाधीश द्वारा ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट की उस याचिका को खारिज करने के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने जूरी ट्रायल से बचने की कोशिश की थी।23 अब इस मामले की सुनवाई अप्रैल 2026 के अंत में शुरू होने वाली है।

हर्जाने का गणित: $38 मिलियन से $134 बिलियन तक

मस्क की कानूनी टीम ने वित्तीय अर्थशास्त्री सी. पॉल वाज़ान द्वारा तैयार की गई गणनाओं का सहारा लिया है।25 वाज़ान ने तर्क दिया है कि चूंकि मस्क ओपनएआई के सह-संस्थापक थे और शुरुआती दिनों में लगभग $38 मिलियन का दान दिया था, इसलिए वे कंपनी के वर्तमान मूल्य में हिस्सेदारी के हकदार हैं।

कथित “गलत तरीके से प्राप्त लाभ” का विवरण

संस्था न्यूनतम अनुमान (अरब डॉलर) अधिकतम अनुमान (अरब डॉलर)
OpenAI $65.50 $109.43
Microsoft $13.30 $25.06
कुल हर्जाना $78.80 $134.49

मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने तर्क दिया कि शुरुआती निवेशकों को अक्सर उनके निवेश से कई गुना अधिक रिटर्न मिलता है।30 उनके अनुसार, मस्क का योगदान केवल वित्तीय नहीं था; उन्होंने तकनीकी इनपुट, व्यावसायिक मार्गदर्शन और शीर्ष प्रतिभाओं को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

विवाद का केंद्र: क्या ओपनएआई ने अपना मिशन बदला?

एलन मस्क ने 2015 में ओपनएआई की सह-स्थापना इस वादे के साथ की थी कि यह मानवता के लाभ के लिए कृत्रिम सामान्य बुद्धिमत्ता (AGI) विकसित करेगा और इसका कोड “ओपन सोर्स” होगा। मस्क का आरोप है कि माइक्रोसॉफ्ट के प्रभाव में आकर यह अब एक “मैक्सिमम-प्रॉफिट” कंपनी बन गई है।

अक्टूबर 2025 में, ओपनएआई ने खुद को पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन (PBC) के रूप में पुनर्गठित किया, जिससे माइक्रोसॉफ्ट को कंपनी में 27% की हिस्सेदारी मिली, जिसकी कीमत लगभग $135 अरब है। मस्क इसी पुनर्गठन को धोखाधड़ी का हिस्सा बता रहे हैं।

ओपनएआई ने मस्क के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कंपनी ने एक बयान में कहा:

“मस्क का मुकदमा निराधार है और यह उनके उत्पीड़न (harassment) के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है… हम ट्रायल में इन आरोपों का जवाब देने के लिए तत्पर हैं।”

भविष्य की राह

मस्क ने 2018 में ओपनएआई के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और बाद में अपनी खुद की एआई कंपनी xAI की स्थापना की। ओपनएआई का तर्क है कि मस्क ने संस्था तब छोड़ी जब वे इस पर “पूर्ण नियंत्रण” पाने में विफल रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकदमा एआई उद्योग के भविष्य के लिए एक ‘लिटमस टेस्ट’ होगा। यदि मस्क जीतते हैं, तो यह एआई कंपनियों के काम करने के तरीके और उनके कॉर्पोरेट ढांचे को पूरी तरह से बदल सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें 27 अप्रैल, 2026 पर टिकी हैं, जब यह ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई अदालत कक्ष में पहुंचेगी।